केतु दोष के लक्षण और उपाय | जाने केतु दोष के प्रभाव, पूजा खर्च व बुकिंग
ज्योतिष शास्त्र में केतु को मोक्ष, वैराग्य और आध्यात्मिकता का कारक ग्रह माना गया है। लेकिन जब यही केतु कुंडली में अशुभ स्थिति में आ जाता है, तो व्यक्ति के जीवन में अचानक समस्याएँ, मानसिक उलझन और स्थिरता की कमी पैदा करता है। इस स्थिति को केतु दोष कहा जाता है।
केतु दोष जीवन को बाहरी नहीं बल्कि अंदर से प्रभावित करता है। यह भ्रम, वैराग्य और अस्थिरता लाता है, लेकिन सही पूजा, मंत्र जाप और जीवनशैली सुधार से इसके प्रभाव को संतुलित किया जा सकता है। यदि आप भी इस दोष से प्रभावित है तो आज ही त्र्यंबकेश्वर में केतु दोष शांति पूजा पूरी विधि से सम्पन्न कराएँ।
Contents
- 1 केतु दोष क्या है?
- 2 केतु दोष कैसे बनता है?
- 3 केतु दोष के प्रमुख लक्षण क्या है?
- 4 केतु दोष का जीवन पर प्रभाव क्या पड़ता है?
- 5 केतु दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
- 6 केतु दोष पूजा का खर्च क्या है?
- 7 केतु दोष पूजा बुकिंग कैसे करें?
- 8 केतु दोष पूजा के लिए शुभ समय क्या है?
- 9 केतु दोष किसे अधिक प्रभावित करता है?
- 10 त्र्यंबकेश्वर में केतु दोष शांति पूजा की बुकिंग कैसे करें?
केतु दोष क्या है?
जब जन्म कुंडली में केतु ग्रह अशुभ भावों में स्थित हो या शुभ ग्रहों को पीड़ित करे, तब केतु दोष बनता है। केतु अदृश्य ग्रह है, इसलिए इसके प्रभाव भी अक्सर अचानक और समझ से परे होते हैं। केतु दोष व्यक्ति को भौतिक जीवन से काटकर भ्रम, अकेलापन और असंतोष की ओर ले जा सकता है।
केतु दोष कैसे बनता है?
केतु दोष बनने की मुख्य स्थितियाँ:
- केतु का लग्न, पंचम, अष्टम या द्वादश भाव में होना
- केतु का चंद्रमा या सूर्य के साथ होना
- केतु का कमजोर स्थिति में होना
- पूर्व जन्म के अधूरे या त्याग से जुड़े कर्म
केतु दोष के प्रमुख लक्षण क्या है?
केतु दोष के लक्षण अक्सर सूक्ष्म होते हैं, लेकिन लंबे समय तक परेशान करते हैं:
- बिना कारण उदासी और अकेलापन
- जीवन में लक्ष्य की स्पष्टता न होना
- अचानक काम छूट जाना या रुचि खत्म होना
- परिवार और समाज से दूरी
- निर्णय लेने में भ्रम
- पढ़ाई या करियर में अचानक रुकावट
- आध्यात्मिकता की ओर अत्यधिक झुकाव या बिल्कुल अरुचि।
केतु दोष का जीवन पर प्रभाव क्या पड़ता है?
मानसिक प्रभाव
- अवसाद, चिड़चिड़ापन
- आत्मविश्वास की कमी
- बार-बार विचार बदलना
करियर और धन पर प्रभाव
- नौकरी या व्यवसाय में अस्थिरता
- मेहनत के अनुसार परिणाम न मिलना
- अचानक आय का स्रोत बंद हो जाना
रिश्तों पर प्रभाव
- भावनात्मक दूरी
- रिश्तों में ठंडापन
- विवाह में समझ की कमी
स्वास्थ्य पर प्रभाव
- नसों से जुड़ी समस्याएँ
- त्वचा रोग
- रहस्यमय या पकड़ में न आने वाली बीमारियाँ
केतु दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
1. केतु दोष शांति पूजा: दोष निवारण का सबसे प्रभावी उपाय
वैदिक विधि से की गई केतु दोष शांति पूजा केतु के नकारात्मक प्रभाव को संतुलित करती है। त्र्यंबकेश्वर जैसे शिव क्षेत्र में की गई पूजा अधिक प्रभावी मानी जाती है।
2. केतु मंत्र जाप
प्रतिदिन या मंगलवार/गुरुवार को 108 बार जाप करें:
“ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः”
3. भगवान गणेश की पूजा
केतु का संबंध गणेश जी से माना जाता है।
बुधवार को गणपति पूजन और दुर्वा अर्पण करें।
4. शिव आराधना
“ॐ नमः शिवाय” का नियमित जाप केतु दोष को शांत करता है और मानसिक स्थिरता देता है।
5. दान और सेवा
- भूरे या धूसर वस्त्र
- कंबल, तिल, नारियल
- बेसहारा लोगों की सेवा
6. रत्न उपाय (विशेष सलाह के बाद)
केतु के लिए लहसुनिया (Cat’s Eye) धारण किया जाता है, लेकिन यह केवल अनुभवी ज्योतिष सलाह के बाद ही पहनें।
केतु दोष पूजा का खर्च क्या है?
केतु दोष शांति पूजा का खर्च पूजा विधि और तिथि पर निर्भर करता है। सामान्यतः खर्च: ₹2,500 से ₹5,000 के बीच हो सकता है। अधिक जानकारी के लिए त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें।
इसमें शामिल होता है:
- पंडित दक्षिणा
- पूजा सामग्री
- मंत्र जाप और हवन
केतु दोष पूजा बुकिंग कैसे करें?
बुकिंग प्रक्रिया
- कुंडली जाँच और दोष की पुष्टि
- शुभ तिथि और मुहूर्त तय करना
- अनुभवी पंडित या पूजा सेवा केंद्र से संपर्क
- अग्रिम भुगतान द्वारा बुकिंग कन्फर्म
विशेष सुझाव
- अमावस्या और श्रावण मास में पहले से बुकिंग करें
- पूजा के बाद दिए गए मंत्र और नियमों का पालन करें
केतु दोष पूजा के लिए शुभ समय क्या है?
- अमावस्या
- श्रावण मास
- कुंडली अनुसार शुभ दिन
- मंगलवार और गुरुवार
केतु दोष किसे अधिक प्रभावित करता है?
- अत्यधिक संवेदनशील व्यक्ति
- आध्यात्मिक झुकाव वाले लोग
- निर्णय लेने में असमर्थ व्यक्ति
- जिनकी कुंडली में केतु पीड़ित हो
त्र्यंबकेश्वर में केतु दोष शांति पूजा की बुकिंग कैसे करें?
श्रद्धा और सही मार्गदर्शन के साथ किया गया उपाय केतु दोष को ज्ञान और आत्मबल में बदल सकता है। यदि आप भी इस पूजा को नाशिक के त्र्यंबकेश्वर में कराना चाहते है तो पूजा की बुकिंग के लिए योग्य पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और अपनी पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करें।