surya rahu grahan ग्रहण दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक

ग्रहण दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण दोष को एक गंभीर दोष माना गया है। यह दोष व्यक्ति के जीवन में मानसिक अशांति, रुकावटें, असफलता और पारिवारिक समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। ऐसी स्थिति में त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) में ग्रहण दोष पूजा कराना अत्यंत प्रभावशाली और फलदायी माना जाता है। आज ही त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और अपनी पूजा बुक करें। 

ग्रहण दोष क्या है?

ग्रहण दोष ज्योतिष शास्त्र का एक महत्वपूर्ण दोष है, जो तब बनता है जब जन्म कुंडली में सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु या केतु की युति हो जाती है या राहु-केतु की पूर्ण दृष्टि सूर्य या चंद्र पर पड़ती है। जैसे आकाश में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण प्राकृतिक रूप से अशुभ प्रभाव डालते हैं, वैसे ही कुंडली में बना ग्रहण दोष व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी, करियर में रुकावट, पारिवारिक अशांति और बार-बार असफलता का कारण बन सकता है। 

जब कुंडली में सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु या केतु युति में हों या उन पर पूर्ण दृष्टि हो, तो उसे ग्रहण दोष कहा जाता है। जैसे सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण प्रकृति में अशुभ प्रभाव डालते हैं, वैसे ही कुंडली का ग्रहण दोष जीवन में नकारात्मकता लाता है।

ग्रहण दोष कैसे बनता है?

ग्रहण दोष बनने के मुख्य कारण:

  • सूर्य के साथ राहु/केतु की युति (सूर्य ग्रहण दोष)

  • चंद्रमा के साथ राहु/केतु की युति (चंद्र ग्रहण दोष)

  • पितृ कर्मों का अधूरा रहना

  • पूर्व जन्म के नकारात्मक कर्म

  • ग्रहों की अशुभ दशा या अंतरदशा

ग्रहण दोष के प्रमुख लक्षण क्या है?

ग्रहण दोष के लक्षण व्यक्ति-विशेष की कुंडली पर निर्भर करते हैं, फिर भी सामान्य लक्षण इस प्रकार हैं:

  • मानसिक तनाव और आत्मविश्वास की कमी

  • बार-बार असफलता का सामना

  • पिता या माता के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएँ

  • करियर में रुकावट और अस्थिरता

  • विवाह में देरी या वैवाहिक तनाव

  • मान-सम्मान में कमी

  • निर्णय लेने में भ्रम

ग्रहण दोष का जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

मानसिक प्रभाव

  • नकारात्मक सोच

  • भय और चिंता

  • एकाग्रता की कमी

करियर व धन पर प्रभाव

  • मेहनत के बावजूद परिणाम न मिलना

  • नौकरी या व्यापार में बाधाएँ

  • अचानक आर्थिक नुकसान

पारिवारिक प्रभाव

  • माता-पिता से मतभेद

  • पारिवारिक शांति में कमी

  • रिश्तों में दूरी

ग्रहण दोष दूर करने के चमत्कारी उपाय कौन-कौन से है?

ग्रहण दोष सूर्य या चंद्रमा पर राहु-केतु के प्रभाव से बनता है और जीवन में मानसिक, पारिवारिक व व्यावसायिक समस्याएँ उत्पन्न करता है। नीचे इसके प्रमुख और प्रभावी उपाय दिए गए हैं:

  • सूर्य और चंद्र मंत्र जाप
  •  सूर्य मंत्र:
     ॐ घृणि सूर्याय नमः

  •  चंद्र मंत्र:
     ॐ सोम सोमाय नमः

  • राहु-केतु मंत्र साधना
  •   ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

  •   ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

  • शिव आराधना: प्रतिदिन या सोमवार को “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। शिव पूजा से सभी ग्रह दोषों का शमन होता है।
  • पितरों के नाम से दान, तिल और जल से सूर्य-चंद्र अर्घ्य।

  • दान-पुण्य:- काले तिल, कंबल, अन्न का दान

  • निर्धनों और ब्राह्मणों को भोजन। 

  • माता-पिता का सम्मान करें

  • सात्त्विक भोजन अपनाएँ

ग्रहण दोष शांति पूजा:- सबसे सरल और प्रभावी उपाय

वैदिक विधि से की गई ग्रहण दोष पूजा सबसे प्रभावी उपाय मानी जाती है। इसमें सूर्य, चंद्र, राहु और केतु को शांत किया जाता है। त्र्यंबकेश्वर जैसे शिव क्षेत्र में की गई पूजा शीघ्र फल देती है। ग्रहण दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक में कराने से सूर्य, चंद्रमा और राहु-केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं। सही विधि और श्रद्धा से की गई पूजा जीवन में स्थिरता, शांति और सकारात्मक बदलाव लाती है।

grahan dosh puja nashik ग्रहण दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक

ग्रहण दोष पूजा क्यों आवश्यक है?

ग्रहण दोष अपने आप समाप्त नहीं होता। इसे शांत करने के लिए विशेष वैदिक पूजा, मंत्र जाप और हवन आवश्यक होते हैं। ग्रहण दोष पूजा से सूर्य, चंद्रमा, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और जीवन में संतुलन आता है।

ग्रहण दोष पूजा की विधि क्या है?

त्र्यंबकेश्वर में ग्रहण दोष पूजा पूर्ण वैदिक विधि से कराई जाती है:

  1. संकल्प एवं गणेश पूजन

  2. नवग्रह आवाहन

  3. सूर्य, चंद्र, राहु-केतु मंत्र जाप

  4. विशेष हवन

  5. पूर्णाहुति और शिव आशीर्वाद

पूजा अवधि: लगभग 2 से 3 घंटे

ग्रहण दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?

  • मानसिक शांति और आत्मबल

  • करियर में स्थिरता

  • पारिवारिक सुख में वृद्धि

  • नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति

  • ग्रहों के अशुभ प्रभावों में कमी

त्र्यंबकेश्वर में ग्रहण दोष पूजा का खर्च कितना है?

त्र्यंबकेश्वर में ग्रहण दोष पूजा का खर्च पूजा विधि और तिथि पर निर्भर करता है।

पूजा का अनुमानित खर्च: ₹2,000 से ₹5000 तक हो सकता है। 
इसमें शामिल होता है:

  • पंडित दक्षिणा

  • पूजा सामग्री

  • मंत्र जाप और हवन

यह पूजा का अनुमानित खर्च है पूजा खर्च और पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें। 

त्र्यंबकेश्वर में ग्रहण दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?

यदि आप त्र्यंबकेश्वर में पूजा कराना चाहते है तो पूजा बुकिंग के लिये सबसे पहले वहाँ के अनुभवी पंडित जी के द्वारा कुंडली जाँच कर दोष की पुष्टि कराएँ। पंडित जी के बताए अनुसार पूजा की तैयारी करें शुभ मुहूरत में पूजा कराएँ और दोष से छुटकारा पाएँ। पूजा बुकिंग की अधिक जानकारी के लिए आज ही पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और पूजा बुक करें।