त्र्यंबकेश्वर, नाशिक में राहु केतु शांति पूजा
कुंडली में राहु-केतु की अशुभ स्थिति कई प्रकार की बाधाएँ उत्पन्न करती है। ऐसी स्थिति में त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा को सबसे प्रभावशाली उपाय माना गया है। यदि आप भी इस दोष से प्रभावित है तो पूजा बुकिंग के लिए आज ही त्र्यंबकेश्वर के योग्य पंडित कैलाश शास्त्री जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।
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- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
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राहु केतु दोष क्या है और इस दोष का महत्व क्या होता है?
राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह कहा जाता है। ये ग्रह प्रत्यक्ष दिखाई नहीं देते, लेकिन व्यक्ति के जीवन पर इनका प्रभाव अत्यंत गहरा होता है। राहु केतु दोष ज्योतिष में बनने वाला एक विशेष ग्रह दोष है, जो तब उत्पन्न होता है जब कुंडली में राहु और केतु की स्थिति अशुभ भावों या ग्रहों के साथ हो जाती है। राहु और केतु का संबंध व्यक्ति के कर्म, भ्रम, भय और अचानक घटनाओं से होता है।
राहु केतु दोष का महत्व
राहु केतु दोष व्यक्ति के पिछले जन्म के कर्मों से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसका प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है। सही समय पर पूजा और उपाय करने से इस दोष का प्रभाव कम किया जा सकता है।
तो इसे राहु केतु दोष कहा जाता है।
राहु केतु दोष कैसे बनता है?
जब राहु या केतु:
लग्न, पंचम, सप्तम, अष्टम या द्वादश भाव में हों
सूर्य, चंद्रमा, गुरु या शुक्र जैसे शुभ ग्रहों के साथ अशुभ योग बनाएं
कुंडली में अत्यधिक पीड़ित (afflicted) हों
तो इसे राहु केतु दोष कहा जाता है।
राहु केतु दोष के प्रमुख लक्षण कौन-कौन से है?
यदि कुंडली में राहु या केतु अशुभ स्थिति में हों, तो व्यक्ति के जीवन में निम्न समस्याएँ दिखाई देती हैं:
बार-बार कार्यों में रुकावट
मानसिक तनाव, भय और भ्रम
अचानक हानि या धोखे की स्थिति
विवाह में देरी या दांपत्य जीवन में तनाव
स्वास्थ्य संबंधी अनजान समस्याएँ
पढ़ाई या करियर में अस्थिरता
इन संकेतों के दिखने पर राहु केतु शांति पूजा कराना लाभकारी माना जाता है।
राहु केतु दोष के प्रभाव क्या है?
इस दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में:
मानसिक तनाव, डर और भ्रम बना रहता है
काम बनते-बनते रुक जाते हैं
अचानक हानि या धोखे की स्थिति आती है
विवाह, करियर और स्वास्थ्य में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं
राहु केतु दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
राहु केतु दोष के उपाय तभी प्रभावी होते हैं जब उन्हें श्रद्धा, नियमितता और सही विधि से किया जाए। कुंडली के अनुसार पूजा, मंत्र जाप और दान करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगते हैं।
1. राहु केतु मंत्र जाप: राहु केतु जाप एक वैदिक मंत्र साधना है, जिसमें राहु और केतु ग्रहों को शांत करने के लिए विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। यह जाप कुंडली में राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। जाप से मानसिक तनाव, भ्रम और अचानक आने वाली बाधाओं में कमी आती है। इन मंत्रों का प्रतिदिन 108 बार जाप करना लाभकारी होता है।
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राहु मंत्र:
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः -
केतु मंत्र:
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
2. सोमवार और श्रावण मास में शिवलिंग पर जल, बेलपत्र और दूध अर्पित करें। “ॐ नमः शिवाय” का जाप राहु-केतु दोष को शांत करता है।
3. दान और सेवा
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काले तिल, कंबल, नारियल, उड़द दाल का दान
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जरूरतमंदों और गरीबों की सहायता
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काले कुत्ते को भोजन कराना (विशेषकर शनिवार)
4. नाग देवता की पूजा: नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करें। इससे सर्प दोष और राहु-केतु दोष दोनों में राहत मिलती है।
5. रत्न धारण (विशेष सलाह के बाद): रत्न धारण करने से पहले अनुभवी ज्योतिष से सलाह आवश्यक है।
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राहु के लिए गोमेद
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केतु के लिए लहसुनिया
राहु केतु शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक
त्र्यंबकेश्वर जैसे पवित्र स्थल पर वैदिक विधि से कराई गई राहु केतु शांति पूजा दोष निवारण का सबसे श्रेष्ठ उपाय मानी जाती है। इसमें मंत्र जाप, हवन और शिव पूजन किया जाता है। त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) में राहु केतु शांति पूजा जीवन में स्थिरता, शांति और सकारात्मकता लाने का एक प्रभावशाली उपाय है। यदि आप राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से परेशान हैं, तो सही मुहूर्त में यह पूजा अवश्य कराएँ और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें।
राहु केतु शांति पूजा क्या है?
राहु केतु शांति पूजा एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है, जिसके माध्यम से कुंडली में स्थित राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत किया जाता है। इस पूजा में मंत्र जाप, हवन और ग्रह शांति विधि द्वारा नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त किया जाता है।
त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा क्यों कराएँ?
त्र्यंबकेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहाँ गोदावरी नदी का उद्गम स्थल है। शास्त्रों के अनुसार:
शिव की कृपा से राहु-केतु शीघ्र शांत होते हैं
यहाँ की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है
वैदिक विधि से अनुभवी।
राहु केतु शांति पूजा की विधि क्या है?
त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा निम्न चरणों में संपन्न होती है:
संकल्प और गणेश पूजन
राहु-केतु देवता का विशेष आवाहन
वैदिक मंत्रों द्वारा राहु केतु जाप
हवन और पूर्णाहुति
भगवान शिव का आशीर्वाद
पूजा समय: लगभग 2 से 3 घंटे
त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा की लागत कितनी है?
त्र्यंबकेश्वर में राहु-केतु शांति पूजा में आने वाला खर्च स्थान, पंडित जी, पूजा-सामग्री और विधि पर निर्भर करता है। इस पूजा का एक अनुमानित खर्च निम्नानुसार दिया गया है पूजा की सटीक जानकारी के लिए आज ही यहाँ के अनुभवी पंडित जी से संपर्क करें।
- समूह पूजा: ₹2,500 या इससे अधिक, प्रति व्यक्ति।
- निजी पूजा: ₹3,500 या इससे अधिक (विस्तृत जाप)।
- प्रेमियम पैकेज: ₹5,000 या इससे अधिक (स्वर्ण सामग्री, परिवार पूजा)।
राहु केतु शांति पूजा के लिए शुभ समय कौन-सा है?
राहु केतु शांति पूजा निम्न तिथियों में विशेष फल देती है:
अमावस्या
नाग पंचमी
श्रावण मास
ग्रहण काल के बाद
कुंडली अनुसार तय शुभ मुहूर्त
सर्वोत्तम परिणाम के लिए कुंडली देखकर पूजा कराना चाहिए।
त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा से मिलने वाले लाभ कौन-कौन से है?
जीवन की बाधाएँ धीरे-धीरे समाप्त होती हैं
मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है
करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार
विवाह और पारिवारिक जीवन में संतुलन
नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
राहु केतु शांति पूजा किसे करानी चाहिए?
जिनकी कुंडली में राहु-केतु अशुभ हों
कालसर्प दोष या पितृ दोष से प्रभावित जातक
बार-बार असफलता या भ्रम की स्थिति में रहने वाले व्यक्ति
मानसिक अशांति या डर महसूस करने वाले लोग
त्र्यंबकेश्वर में राहु केतु शांति पूजा बुकिंग जानकारी
पूजा से पहले कुंडली विश्लेषण किया जाता है
अनुभवी स्थानीय पंडित द्वारा पूजा कराई जाती है
पूजा सामग्री सामान्यतः पैकेज में शामिल होती है
अमावस्या और विशेष तिथियों पर पहले से बुकिंग आवश्यक होती है.
त्र्यंबकेश्वर, नाशिक में राहु केतु शांति पूजा के लिए संपर्क करें?
क्या आप भी राहु-केतु के अशुभ प्रभाव से परेशान हैं, तो सही मुहूर्त व सही स्थान पर यह पूजा अवश्य कराएँ और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें। त्र्यंबकेश्वर राहु केतु शांति पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान है यहाँ की गई पूजा सफल और फलदायी मानी जाती है, तो आज ही अपनी पूजा बुकिंग के लिए नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।