शनि-केतु श्रापित दोष क्या है? जाने लक्षण, उपाय और शांति पूजा
वैदिक ज्योतिष में कुछ ग्रह योग ऐसे माने गए हैं जो व्यक्ति के जीवन में गहरे और लंबे समय तक प्रभाव डालते हैं। शनि-केतु श्रापित दोष इन्हीं में से एक गंभीर दोष है। यह दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में शनि और केतु का विशेष संबंध स्थापित हो जाता है। इसे पूर्व जन्म के कर्मों और श्राप से जुड़ा दोष भी माना जाता है, जिसके कारण व्यक्ति को बिना कारण संघर्ष, देरी और मानसिक कष्ट का सामना करना पड़ता है।
श्रद्धा, नियम और वैदिक उपायों के साथ किया गया अनुष्ठान जीवन में संतुलन, शांति और प्रगति का मार्ग खोलता है। त्र्यंबकेश्वर में पूरी विधि और श्रद्धा के साथ की गई पूजा से दोष का निवारण होता है और जीवन में शांति आती है। आप भी त्र्यंबकेश्वर में श्रापित दोष पूजा कराएं और जीवन में शांति पाएँ।
Contents
- 1 शनि-केतु श्रापित दोष क्या होता है?
- 2 शनि-केतु श्रापित दोष बनने के कारण क्या है?
- 3 शनि-केतु श्रापित दोष के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है?
- 4 शनि-केतु श्रापित दोष के प्रमुख लक्षण क्या है?
- 5 शनि-केतु श्रापित दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
- 6 शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर: सबसे प्रभावी उपाय
- 7 शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा की विधि क्या है?
- 8 शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- 9 पूजा के लिए शुभ समय क्या है?
- 10 त्र्यंबकेश्वर में शनि-केतु श्रापित दोष पूजा में कितना खर्च आता है?
- 11 त्र्यंबकेश्वर में शनि केतु श्रापित दोष पूजा बुकिंग जानकारी
शनि-केतु श्रापित दोष क्या होता है?
जब कुंडली में शनि और केतु की युति, परस्पर दृष्टि या विशेष भावों (1, 4, 7, 8, 12) में स्थिति बनती है, तब श्रापित दोष का निर्माण होता है। शनि कर्म, न्याय और दंड का ग्रह है, जबकि केतु वैराग्य, भ्रम और अधूरे कर्मों का प्रतीक है। इन दोनों का अशुभ योग व्यक्ति के जीवन में रुकावट, अकेलापन और संघर्ष बढ़ा देता है।
शनि-केतु श्रापित दोष बनने के कारण क्या है?
- शनि और केतु की सीधी युति
- शनि पर केतु की दृष्टि या केतु पर शनि की दृष्टि
- शनि-केतु का अशुभ भावों में होना
- शनि या केतु की महादशा/अंतरदशा
- पूर्व जन्म के पाप कर्म या किसी का दिया हुआ श्राप।
शनि-केतु श्रापित दोष के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है?
शनि केतु श्रापित दोष से होने वाले दुष्प्रभाव निम्नानुसार दिये गए है:
मानसिक और भावनात्मक प्रभाव
- अकेलापन और निराशा
- बिना कारण भय
- मानसिक दबाव और अवसाद
करियर और आर्थिक जीवन
- मेहनत के बावजूद सफलता में देरी
- नौकरी या व्यवसाय में बार-बार रुकावट
- धन हानि और अस्थिरता
वैवाहिक और पारिवारिक जीवन
- विवाह में देरी
- दांपत्य जीवन में दूरी
- परिवार से सहयोग न मिलना
स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव
- पुरानी बीमारियाँ
- हड्डी, नसों या त्वचा से जुड़ी समस्या
- थकान और ऊर्जा की कमी
शनि-केतु श्रापित दोष के प्रमुख लक्षण क्या है?
- जीवन में बार-बार असफलता
- हर कार्य में देरी
- रिश्तों में दूरी
- स्वयं को अलग-थलग महसूस करना
- पूजा-पाठ में मन न लगना
शनि-केतु श्रापित दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
शनि-केतु श्रापित दोष को कम करने के लिए वैदिक ज्योतिष में कुछ उपाय बताए गए है जो की निम्नलिखित है:
शनि और केतु मंत्र जाप
- शनि मंत्र:
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः - केतु मंत्र:
ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः
भगवान शिव की उपासना
- “ॐ नमः शिवाय” का नियमित जाप
- सोमवार और शनिवार को शिव पूजन
- रुद्राभिषेक कराना लाभकारी
दान और सेवा
- शनिवार को काले तिल, तेल, कंबल दान
- गरीब और वृद्ध लोगों की सेवा
- कौवों को भोजन कराना
आचरण और जीवनशैली
- सत्य और संयम अपनाना
- क्रोध और अहंकार से दूरी
- धैर्य और अनुशासन बनाए रखना
शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा त्र्यंबकेश्वर: सबसे प्रभावी उपाय
शनि-केतु श्रापित दोष एक गहरा और कर्मजन्य दोष है, लेकिन सही समय और विधि से की गई शांति पूजा इसके प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकती है। यह पूजा शनि और केतु के नकारात्मक प्रभाव को शांत करने का सबसे प्रभावी वैदिक उपाय माना जाता है। सही विधि से की गई पूजा जीवन में स्थिरता लाती है।
शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा की विधि क्या है?
- संकल्प और गणेश पूजन
- शनि-केतु ग्रह आवाहन
- वैदिक मंत्र जाप
- हवन एवं आहुति
- पूर्णाहुति और आशीर्वाद
पूजा अवधि: लगभग 2 से 3 घंटे
शनि-केतु श्रापित दोष शांति पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- जीवन की रुकावटों में कमी
- मानसिक शांति और स्थिरता
- करियर और विवाह में सुधार
- नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
- भाग्य का साथ मिलना।
पूजा के लिए शुभ समय क्या है?
- शनिवार
- अमावस्या
- शनि प्रदोष
- कुंडली अनुसार शुभ मुहूर्त
त्र्यंबकेश्वर में शनि-केतु श्रापित दोष पूजा में कितना खर्च आता है?
त्र्यंबकेश्वर में शनि केतु श्रपित दोष पूजा का खर्च पूजा विधि और सामग्री पर निर्भर करता है। यह खर्च दिये गए पूजा खर्च के अनुसार कम ज्यादा हो सकता है। इस पूजा का अनुमानित खर्च: ₹2,000 से ₹5,000 तक हो सकता है। पूजा का सटीक खर्च जानने के लिए त्र्यंबकेश्वर के पूजा पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें।
त्र्यंबकेश्वर में शनि केतु श्रापित दोष पूजा बुकिंग जानकारी
त्र्यंबकेश्वर में शनि केतु श्रापित दोष पूजा की बुकिंग के लिए पहले पंडित जी द्वारा कुंडली जाँच कर दोष की पुष्टि की जाती है। इसके बाद शुभ तिथि और मुहूर्त तय कर अनुभवी वैदिक पंडित से पूजा कराई जाती है। विशेष तिथियों पर अग्रिम बुकिंग करना लाभकारी रहता है।
त्र्यंबकेश्वर में शनि केतु श्रापित दोष शांति पूजा कराने के लिए आज ही वहाँ के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करें। नीचे दिये गए नंबर पर अभी कॉल करें और पूजा बुक करें।