अंगारक दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर (नाशिक)
त्र्यंबकेश्वर (नाशिक) में अंगारक दोष पूजा जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक प्रभावी वैदिक उपाय है। यदि आप क्रोध, विवाद या अचानक परेशानियों से जूझ रहे हैं, तो सही मुहूर्त में यह पूजा कराकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें, आज ही त्र्यंबकेश्वर के योग्य पंडित कैलाश शास्त्री जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।
- व्यक्तिगत पूजा
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
- पूर्ण सामग्री सहित
- निशुल्क बुकिंग
अंगारक दोष क्या है?
जब मंगल ग्रह (अंगारक) राहु के साथ मिलकर अशुभ योग बनाता है, तो उसे अंगारक दोष कहा जाता है। मंगल ऊर्जा, साहस और क्रिया का कारक है, जबकि राहु भ्रम और अचानक घटनाओं का। दोनों के मिलन से जीवन में असंतुलन उत्पन्न हो सकता है।
अंगारक दोष के लक्षण क्या है? कैसे पहचाने यह दोष
यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में अंगारक दोष हो, तो उसके जीवन में निम्न समस्याएँ देखी जा सकती हैं:
अत्यधिक गुस्सा और जल्दबाज़ी
पारिवारिक और वैवाहिक कलह
बार-बार दुर्घटना या चोट लगना
कोर्ट-कचहरी या विवादों में फँसना
मानसिक तनाव और अस्थिरता
करियर में अचानक रुकावट
अंगारक दोष के उपाय कौन-कौन से है?
- प्रतिदिन या मंगलवार को निम्न मंत्र का 108 बार जाप करें:
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” - सोमवार और मंगलवार को शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
“ॐ नमः शिवाय” का नियमित जाप मन को शांत करता है। - मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे क्रोध और नकारात्मक ऊर्जा में कमी आती है।
लाल मसूर, गुड़, तांबा और लाल वस्त्र का दान
गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता
- विशेष रूप से श्रावण मास में रुद्राभिषेक कराने से मंगल और राहु दोष शांत होते हैं।
- मंगल के लिए मूंगा (Coral) धारण किया जा सकता है, लेकिन यह ज्योतिषीय सलाह के बिना न पहनें, क्योंकि गलत रत्न नुकसान पहुँचा सकता है।
अंगारक दोष पूजा – त्र्यंबकेश्वर (नाशिक):- दोष निवारण का रामबाण उपाय
अंगारक दोष तब बनता है जब कुंडली में मंगल और राहु की युति या परस्पर दृष्टि हो जाती है। इस दोष के कारण व्यक्ति के जीवन में क्रोध, विवाद, दुर्घटना, वैवाहिक तनाव और करियर में बाधाएँ आ सकती हैं। ऐसे में त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा को अत्यंत प्रभावशाली उपाय माना गया है।
त्र्यंबकेश्वर में पूजा क्यों कराएँ?
यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है
यहाँ वैदिक विधि से ग्रह दोष शांति पूजा होती है
मंगल और राहु दोनों के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं
अंगारक दोष पूजा की विधि क्या है?
त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा वैदिक विधि से संपन्न की जाती है:
संकल्प और गणेश पूजन
मंगल और राहु देवता का आह्वान
अंगारक दोष शांति मंत्र जाप
विशेष हवन और पूर्णाहुति
शिव कृपा से दोष शमन
पूजा अवधि: लगभग 2 से 3 घंटे
अंगारक दोष पूजा किसे करानी चाहिए?
जिनकी कुंडली में मंगल-राहु युति हो
बार-बार गुस्सा और झगड़े की स्थिति बनती हो
विवाह या करियर में लगातार बाधाएँ आ रही हों
मानसिक अशांति और डर महसूस होता हो
त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा का खर्च कितना है?
अंगारक दोष पूजा का खर्च पूजा की विधि और पंडित के अनुसार बदल सकता है। त्र्यंबकेश्वर में सामान्यतः इसका खर्च ₹2,500 से ₹5,000 के बीच होता है। इसमें पंडित दक्षिणा और पूजा सामग्री शामिल रहती है। विशेष तिथि या अतिरिक्त अनुष्ठान होने पर खर्च थोड़ा बढ़ सकता है।
त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा के लाभ
क्रोध और मानसिक असंतुलन में कमी
वैवाहिक और पारिवारिक जीवन में सुधार
दुर्घटना और विवाद से सुरक्षा
करियर में स्थिरता और प्रगति
आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि
अंगारक दोष पूजा के लिए शुभ समय
अंगारक दोष पूजा निम्न समय में अधिक प्रभावी मानी जाती है:
मंगलवार
अमावस्या
नाग पंचमी
श्रावण मास
कुंडली अनुसार तय शुभ मुहूर्त
त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा बुकिंग जानकारी
पूजा से पहले कुंडली जाँच आवश्यक होती है
अनुभवी स्थानीय पंडित द्वारा पूजा कराई जाती है
पूजा सामग्री सामान्यतः पूजा पैकेज में शामिल रहती है
विशेष तिथियों पर पहले से बुकिंग करना आवश्यक होता है
त्र्यंबकेश्वर में अंगारक दोष पूजा के लिए संपर्क कैसे करें?
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में पूजा से पहले कुंडली जाँच की जाती है। विशेष तिथियों पर पहले से बुकिंग आवश्यक होती है। यदि आप भी पूजा बुकिंग करना चाहते है तो नाशिक पहुँचकर या वैबसाइट के माध्यम से त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क कर सकते है।