कालसर्प दोष पूजा मुहूर्त मई 2026– शुभ तिथियां, लाभ और बुकिंग
कालसर्प दोष पूजा मुहूर्त मई 2026 उन लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है जो अपनी कुंडली में राहु-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत पाना चाहते हैं। सही समय (मुहूर्त) में की गई पूजा कई गुना अधिक फलदायी मानी जाती है।
लोग नई ऊर्जा के साथ जीवन में बदलाव लाने की सोचते हैं। यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है और आप 2026 में इसे जड़ से खत्म करना चाहते हैं, तो मई महीना आपके लिए बहुत खास है।
इस महीने में कई शुभ तिथियां हैं, जिनमें अमावस्या (17 मई 2026) और वैशाख पूर्णिमा के आसपास की तिथियां त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा के लिए विशेष रूप से प्रभावशाली मानी जाती हैं। पूजा बुकिंग के लिय अभी कॉल करें।
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Contents
- 1 मई 2026 में कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे शुभ तिथियां (त्रिंबकेश्वर मुहूर्त)
- 2 अन्य उपयुक्त दिन
- 3 मई 2026 में कालसर्प पूजा क्यों सबसे अच्छा समय है?
- 4 त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा का महत्व क्या है?
- 5 त्रिंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?
- 6 मई 2026 में पूजा की अनुमानित लागत क्या है?
- 7 कैलाश शास्त्री जी ही क्यों चुनें?
- 8 कालसर्प पूजा के बाद घर पर अपनाएं ये उपाय (मई 2026 से शुरू करें)
- 9 मई पूजा के बाद मिलने वाले प्रमुख लाभ कौन-कौन से है?
- 10 पूजा कैसे बुक करें?
मई 2026 में कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे शुभ तिथियां (त्रिंबकेश्वर मुहूर्त)
मई 2026 में निम्नलिखित तिथियां कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए अत्यंत उत्तम हैं (पंचांग, नक्षत्र और ग्रह गोचर के आधार पर):
मई 2026 की प्रमुख मुहूर्त तिथियां 1, 2, 3, 5, 6, 8, 9, 10, 12, 13, 14, 17 (अमावस्या – सबसे शुभ), 18, 20, 21, 23, 24, 25, 27, 28, 30 और 31 मई।
- सबसे प्रभावशाली दिन: 17 मई 2026 (अमावस्या) अमावस्या पर पितृ तर्पण, राहु-केतु शांति और कालसर्प दोष निवारण का विशेष फल मिलता है। इस दिन पूजा करने से दोष का प्रभाव बहुत तेजी से कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है। कई भक्तों ने बताया कि मई की अमावस्या पूजा के बाद 41 दिनों के अंदर ही सकारात्मक बदलाव दिखाई दिए।
- अन्य बहुत अच्छी तिथियां: 1, 3, 5, 9, 12, 14, 18, 20, 23, 25, 28 और 30 मई। ये तिथियां भी पंडितों द्वारा बार-बार सुझाई जाती हैं।
अन्य उपयुक्त दिन
- सोमवार – भगवान शिव की कृपा के लिए
- शनिवार – राहु के प्रभाव को शांत करने के लिए
- व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार चुना गया दिन
अगर आप अधिक सटीक परिणाम चाहते हैं, तो पंडित से कुंडली के अनुसार मुहूर्त निकलवाना बेहतर रहेगा।
मई 2026 में कालसर्प पूजा क्यों सबसे अच्छा समय है?
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:00 – 6:00 बजे
- प्रातःकाल: सूर्योदय से 11 बजे तक
- राहुकाल से बचें (जब तक विशेष निर्देश न हो)
- कई परिवार इस महीने में ही पूजा करवाकर पूरे साल की बाधाएं दूर कर लेते हैं।
त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा का महत्व क्या है?
त्र्यंबकेश्वर नाशिक में स्थित भगवान शिव का पवित्र ज्योतिर्लिंग है, जहाँ पूजा कराने से विशेष फल प्राप्त होता है। यहाँ की गई पूजा:
- ग्रह दोषों को शांत करती है
- जीवन की बाधाओं को कम करती है
- मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है
त्रिंबकेश्वर में कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?
त्र्यंबकेश्वर में कालसर्प पूजा 2 से 3 घंटे की होती है और निम्न चरणों में पूरी होती है:
- कुशावर्त कुंड में स्नान और संकल्प।
- गणेश पूजन + नवग्रह शांति।
- राहु-केतु मंत्र जाप (2100 या 11,000 बार – दोष की गंभीरता अनुसार)।
- शिवलिंग और राहु-केतु यंत्र पर अभिषेक (दूध, शहद, घी, बेलपत्र)।
- हवन और चांदी के नाग-नागिन का गोदावरी में विसर्जन।
- अंत में रुद्राभिषेक और ब्राह्मण आशीर्वाद।
17 मई की अमावस्या पर पूजा करने से “शेषनाग” और “अनंत” प्रकार के कालसर्प दोष का विशेष निवारण होता है।
मई 2026 में पूजा की अनुमानित लागत क्या है?
- समूह पूजा (बाहर हॉल में): ₹2,000 – ₹3,00 प्रति व्यक्ति
- निजी पूजा (मंदिर के अंदर): ₹3,000 – ₹4,000
- प्रीमियम/विस्तृत पूजा (स्वर्ण सामग्री, ज्यादा जाप): ₹5,000+
ऊपर दी गई लागत अनुमानित है पूजा की सटीक जानकारी के लिए आज ही त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और पूजा की जानकारी प्राप्त करें।
त्र्यंबकेश्वर के भरोसेमंद पंडित (मई 2026 बुकिंग के लिए)
पंडित कैलाश शास्त्री जी फ्री कुंडली विश्लेषण करते हैं और सटीक मुहूर्त बताते हैं। आप हमारे साथ सभी प्रकार की पूजा बुक कर सकते हैं, जैसे कालसर्प पूजा, नारायण नागबली पूजा,महामृत्युंजय जाप, पितृ दोष पूजा, गुरु चांडाल दोष पूजा और अन्य कई पूजाएँ।
यह सभी पूजाएँ अनुभवी और विश्वसनीय पंडित जी द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराई जाती हैं।
कैलाश शास्त्री जी ही क्यों चुनें?
अनुभवी पंडित जी – सभी पूजाएँ त्र्यंबकेश्वर के विद्वान और अनुभवी ब्राह्मणों द्वारा कराई जाती हैं।
सही विधि-विधान – प्रत्येक पूजा शास्त्रों के अनुसार पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ होती है।
कुंडली विश्लेषण – पूजा से पहले आपकी कुंडली देखकर सही उपाय सुझाए जाते हैं।
सुलभ बुकिंग प्रक्रिया – आप आसानी से फोन/व्हाट्सएप के माध्यम से बुकिंग कर सकते हैं।
पारदर्शी खर्च – सभी पूजा के खर्च और सामग्री की जानकारी पहले से दी जाती है।
कालसर्प पूजा के बाद घर पर अपनाएं ये उपाय (मई 2026 से शुरू करें)
- रोज महामृत्युंजय मंत्र 108 बार जपें
- शनिवार को पीपल पर जल चढ़ाएं
- गोमेद या लहसुनिया रत्न धारण करें (ज्योतिषी से पूछकर)
- नाग पंचमी पर साँप को दूध दान
- कुत्ते को रोटी खिलाएं
- सात्विक भोजन और व्यसन से परहेज।
मई पूजा के बाद मिलने वाले प्रमुख लाभ कौन-कौन से है?
- 41 से 90 दिनों में करियर, विवाह और स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव
- आर्थिक स्थिरता और कर्ज से मुक्ति
- मानसिक शांति और नकारात्मक ऊर्जा का अंत
- कई भक्तों ने बताया कि मई अमावस्या पूजा के बाद जीवन में स्थिरता और सुख आया।
पूजा कैसे बुक करें?
- अपनी जन्म कुंडली की जानकारी साझा करें
- पंडित जी द्वारा सही पूजा और मुहूर्त तय किया जाएगा
- तारीख और समय फाइनल करें
- अग्रिम बुकिंग के साथ आपकी पूजा सुनिश्चित की जाएगी।
अगर आप मई 2026 में कालसर्प पूजा करवाना चाहते हैं, तो अभी बुकिंग शुरू कर दें – खासकर 17 मई अमावस्या के लिए स्लॉट बहुत जल्दी भर जाते हैं।
मई 2026 में कालसर्प दोष पूजा के लिए 15 मई (अमावस्या) सबसे अच्छा अवसर है। अगर सही समय, सही विधि और श्रद्धा के साथ पूजा की जाए, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिलते हैं।
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