सूर्य राहु ग्रहण पूजा त्र्यंबकेश्वर: जाने उपाय और पूजा विधि
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, पिता, नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना गया है। जब जन्म कुंडली में सूर्य के साथ राहु की युति हो जाती है, तब सूर्य-राहु ग्रहण दोष बनता है। यह दोष वैसा ही प्रभाव देता है जैसे आकाश में सूर्य ग्रहण होता है—अर्थात् सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा ढक…