सूर्य राहु ग्रहण पूजा त्र्यंबकेश्वर: जाने उपाय और पूजा विधि
ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान, पिता, नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना गया है। जब जन्म कुंडली में सूर्य के साथ राहु की युति हो जाती है, तब सूर्य-राहु ग्रहण दोष बनता है। यह दोष वैसा ही प्रभाव देता है जैसे आकाश में सूर्य ग्रहण होता है—अर्थात् सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा ढक जाती है।
इस दोष की शांति के लिए त्र्यंबकेश्वर में सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा त्र्यंबकेश्वर, नाशिक में कराने से सूर्य की कमजोर ऊर्जा पुनः मजबूत होती है और राहु के नकारात्मक प्रभाव शांत होते हैं।
Contents
- 1 सूर्य-राहु ग्रहण दोष क्या है?
- 2 सूर्य-राहु ग्रहण दोष बनने के कारण क्या है?
- 3 सूर्य-राहु ग्रहण दोष के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है?
- 4 सूर्य-राहु ग्रहण दोष के प्रमुख लक्षण कौन-कौन से है?
- 5 सूर्य-राहु ग्रहण दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
- 6 सूर्य-राहु ग्रहण दोष शांति पूजा: सबसे प्रभावी उपाय
- 7 त्र्यंबकेश्वर में सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा क्यों कराएँ?
- 8 सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा विधि क्या है?
- 9 सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- 10 सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा के लिए शुभ समय कौन-सा है?
- 11 सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा में खर्च कितना आता है?
- 12 त्र्यंबकेश्वर में सूर्य राहु ग्रहण दोष पूजा बुकिंग कैसे करें?
सूर्य-राहु ग्रहण दोष क्या है?
जब राहु जैसे छाया ग्रह का प्रभाव सूर्य पर पड़ता है या दोनों एक ही भाव में स्थित होते हैं, तो सूर्य कमजोर हो जाता है। परिणामस्वरूप व्यक्ति की पहचान, आत्मबल और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है। इसे ही सूर्य-राहु ग्रहण दोष कहा जाता है।
सूर्य-राहु ग्रहण दोष बनने के कारण क्या है?
- सूर्य और राहु की सीधी युति
- सूर्य पर राहु की पूर्ण दृष्टि
- सूर्य का अशुभ भावों में होना
- राहु की दशा या अंतरदशा
- पूर्व जन्म के अहंकार या अधार्मिक कर्म
सूर्य-राहु ग्रहण दोष के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ते है?
मानसिक और आत्मिक प्रभाव
- आत्मविश्वास की कमी
- भ्रम और नकारात्मक सोच
- निर्णय लेने में कठिनाई
करियर और सामाजिक जीवन
- मान-सम्मान में गिरावट
- सरकारी कार्यों में रुकावट
- बॉस या उच्च अधिकारियों से मतभेद
पारिवारिक प्रभाव
- पिता से संबंधों में तनाव
- परिवार में गलतफहमियाँ
- प्रतिष्ठा पर असर
स्वास्थ्य पर प्रभाव
- सिरदर्द, आँखों की समस्या
- हृदय या रक्तचाप संबंधी परेशानी
- थकान और ऊर्जा की कमी
सूर्य-राहु ग्रहण दोष के प्रमुख लक्षण कौन-कौन से है?
- मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना
- पहचान और सम्मान न मिलना
- बार-बार अपमान या बदनामी
- सरकारी मामलों में देरी
- आत्मबल कमजोर होना
सूर्य-राहु ग्रहण दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
सूर्य मंत्र और राहु मंत्र जाप
- सूर्य मंत्र:
“ॐ घृणि सूर्याय नमः” - राहु मंत्र:
“ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः”
भगवान शिव की उपासना
- “ॐ नमः शिवाय” का नियमित जाप
- सोमवार और अमावस्या को शिव पूजन
दान और सेवा
तांबा, गेहूं, गुड़ का दान, जरूरतमंदों को भोजन, अहंकार और झूठ से दूरी
जीवनशैली सुधार
नियमित सूर्य नमस्कार, सुबह सूर्य को जल अर्पण, सत्य और अनुशासन का पालन
सूर्य-राहु ग्रहण दोष शांति पूजा: सबसे प्रभावी उपाय
यह पूजा सूर्य और राहु दोनों ग्रहों को संतुलित करती है। त्र्यंबकेश्वर में विधिवत की गई पूजा से दोष का प्रभाव धीरे-धीरे शांत होता है।
त्र्यंबकेश्वर में सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा क्यों कराएँ?
- भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक
- गोदावरी नदी का पवित्र उद्गम
- ग्रह दोष शांति के लिए सिद्ध क्षेत्र
- अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रोक्त पूजा
सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा विधि क्या है?
- संकल्प एवं गणेश पूजन
- सूर्य और राहु का आवाहन
- विशेष वैदिक मंत्र जाप
- हवन एवं आहुति
- पूर्णाहुति और शिव आशीर्वाद
पूजा अवधि: लगभग 2 से 3 घंटे
सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- आत्मविश्वास में वृद्धि
- करियर और प्रतिष्ठा में सुधार
- पिता से संबंधों में मधुरता
- मानसिक भ्रम और भय से राहत
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा
सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा के लिए शुभ समय कौन-सा है?
- रविवार
- अमावस्या
- ग्रहण काल के बाद
- कुंडली अनुसार शुभ मुहूर्त
सूर्य-राहु ग्रहण दोष पूजा में खर्च कितना आता है?
सूर्य राहु ग्रहण दोष पूजा का खर्च पूजा विधि और सामग्री पर निर्भर करता है। इस पूजा का अनुमानित खर्च: ₹2,000 से ₹5,000 तक हो सकता है। (इसमें पंडित, पूजा सामग्री, मंत्र जाप और हवन शामिल होते हैं) त्र्यंबकेश्वर में पूजा खर्च की सटीक जानकारी जानने के लिए आज ही अनुभवी पंडित कैलाश शास्त्री जी से संपर्क करें और अपनी पूजा बुक करें।
त्र्यंबकेश्वर में सूर्य राहु ग्रहण दोष पूजा बुकिंग कैसे करें?
- कुंडली की जाँच कराएँ
- शुभ तिथि और मुहूर्त तय करें
- त्र्यंबकेश्वर के अनुभवी पंडित से संपर्क करें
- विशेष दिनों में अग्रिम बुकिंग करें।
सही विधि, शुभ मुहूर्त और श्रद्धा से की गई पूजा जीवन में सम्मान, स्थिरता और आत्मविश्वास लौटाती है। अपनी पूजा बुक करने के लिए आज ही नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करें और पूजा बुक करें।